Tuesday, February 7, 2012

हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है?? / Mirza Galib

हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है??
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ्तुगू क्या है??
[ guftgoo = conversation/talk ]

न शोले में करिश्मा न बर्क में ये अदा
कोई बताओ कि वो शोख-ए-तुन्दा खू क्या है?
[karishma: miracle, barq: lightning, ada: coquetry]
[shokh-e-tund khu: coquettishly ill tempered]

ये रश्क है की वो होता है हमसुखन हमसे
वगरना खौफ ऐ बदामोजी ऐ अदू क्या है?
[rashk: jealousy; hamasuKhan: some who converses with you]
[Khauf: fear; baaamozii: mislead]

चिपक रहा है बदन पर लहू से पैराहन
हमारी जेब को अब हाजत-ऐ-रफ़ू क्या है?
[pairaahan: dress/cloth/robe]
[jeb: collar, haajat: need, rafuu: darning]

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है?


रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल
जब आँख से ही न टपका तोः फिर लहू क्या है?

वो चीज़ जिसके लिए हमको है बहिश्त अजीज़
सिवाऐ बादा-ए-गुलफाम-ए-मुश्कबू क्या है?
[bahisht: heaven; baadaa: wine; gulfaam: delicate/like a flower]
[mushkabuu: the smell of musk]

पियूँ शराब अगर खुम भी देख लूँ दो चार
यह शीशा ओ क़दः ओ कूजा ओ सुबू क्या है?
[Khum: wine barrel]
[shisha: glass, qadaah: goblet, subuu: tumbler]

रही न ताक़त-ए-गुफ़्तार और अगर हो भी
तो किस उम्मीद पे कहिये कि आरज़ू क्या है?
[guftaar: speech]

बना है शाह का मुसाहिब फिरे है इतराता
वगरना सहर में 'ग़ालिब' की आबरू क्या है?
[musaahib: associate ,aabruu: dignity]

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