Friday, April 6, 2012

अभी ना जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं...Sahir

अभी ना जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं...

अभी अभी तो आई हो, बहार बन के छाई हो
हवा ज़रा महक तो ले,नज़र ज़रा बहक तो ले
ये शाम ढल तो ले ज़रा, ये दिल संभल तो ले ज़रा
मैं थोड़ी देर जी तो लूं, नशे के घूँट पी तो लूं
अभी तो कुछ कहा नहीं, अभी तो कुछ सुना नहीं ..

सितारे झिलमिला उठे, चिराग जगमगा उठे
बस अब ना मुझ को टोकना, न बढ़ के राह रोकना
अगर मैं रुक गयी अभी, तो जा न पाऊँगी कभी
यही कहोगे तुम सदा, के दिल अभी नहीं भरा
जो ख़त्म हो किसी जगह, ये ऐसा सिलसिला नहीं....

अधूरी आंस छोड़ के, अधूरी प्यास छोड़ के
जो रोज यूं ही जाओगी, तो किस तरह निभाओगी
कि ज़िन्दगी की राह में, जवान दिलों की चाह में
कई मुकाम आयेंगे, जो हम को आज़मायेंगे
बुरा ना मानो बात का, ये प्यार हैं गिला नहीं
यही कहोगे तुम सदा,कि दिल अभी भरा नहीं...Sahir Ludhiaanvi ji

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