Thursday, June 28, 2012

पतझड़ -- Gulzar ji


जब तक पतझड़ में पेड़ों से पीले पीले पत्ते
मेरे लॉन में आकर गिरते हैं
रात को छत पर जाके मैं
आकाश को तकता रहता हूँ
लगता है कमज़ोर सा पीला चाँद भी शायद
पीपल के सूखे पत्ते सा

लहराता लहराता मेरे लॉन में आकर उतरेगा..
--गुलज़ार

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